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करोड़पति बनने के 7 बेहतरीन उपाय, अब आप भी बन सकते हैं धनवान
सफल होना आसान नहीं :-
यह कुछ Success words हैं जो हमने आपके लिए लिखा है, हमें यकीन है यह उन लोगों के बहुत काम आएगी जो सफल होना चाहते हैं। लेकिन सफलता कोई हलवा नही है कि बनाए और खा गए। इसके लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है। आइए शुरू करते हैं।
सही चुनाव करें:
हर दिन हमें कुछ चीजों का Selection करना होता है और हर चुनाव के Result और Result प्राप्त करने का मार्ग भी आवश्यक होता है. हालांकि कि हम अपने भविष्य (Future) के बारे में पहले से कुछ बताने या भविष्यवाणी करने में सक्षम तो नहीं हैं, लेकिन हम तुरंत और अप्रत्यक्ष रूप से यह धारणा ले सकते हैं कि Future में क्या होगा. for example अगर मैं प्यासा हूं और पानी का एक गिलास में मेरे सामने रखा है तो इससे पहले कि मैं शारीरिक रूप से आगे बढ़ कर गिलास अपने हाथ में पकड़ लूँ मैं मानसिक रूप से गिलास को पकड़ने की कोशिश करूँगा. इसलिए एक तरह से मैं ने अपने भविष्य की भविष्यवाणी खुद ही कर दी।
सोच का सही इस्तेमाल :-
मनुष्य को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अतीत, वर्तमान और भविष्य (Past, present and future) के बारे में सोच सकता है और इसी खूबी ने मनुष्य को इस योग्य बनाया कि वह खुद किसी चीज़ को तैयार करने में सक्षम है. यह एक जबरदस्त शक्ति है अगर इसे अच्छी तरह से इस्तेमाल किया जाए तो यह हमें सक्षम बनाता है कि हम आगे की Plan बना सकें और Past से सीख कर present में उपयोग करें और एक अच्छा future बनाएँ।
पुराने समय में न फँसे :-
दुर्भाग्य से बहुत से लोग अपने अतीत के सोचों से कट जाते हैं – “अतीत में फंसे रहते हैं” – या फिर future के बारे में “खयाली पुलाऊ” पकाते रहते हैं और जब ज़रूरत होती है तब वर्तमान में रहने के योग्य नहीं रहते।
खुद पर करें विश्वास :-
लाखों लोग ऐसे हैं जो अपनी पूरी Life सपनों के सहारे ही बिता देते हैं जब कि वह सही मायने में उन्हें प्राप्त करने केलिए try नहीं करते और इसका कारण सिर्फ और सिर्फ यही है कि वह अन्दर से बिखरे होते हैं और सोचते हैं कि “शायद यह मेरे लिए संभव नहीं है” या “बहुत मुश्किल काम है जो मैं अंजाम नहीं दे सकता।
सफलता और खुशी :-
सफलता और खुशी (Success and Happiness) प्राप्त करने का First stage तो यह है कि खुद पर Trust किया जाए. जब आप अपने पर भरोसा करना सीख लेंगे तो न केवल आप असामान्य रूप से अपनी मंज़िल पा सकते हैं बल्कि आपका विश्वास दूसरों को भी सबक देगा जिससे वे भी आप पर भरोसा कर सकेंगे
अपने लक्ष्य के बारे सोचें :-
उत्साह और विश्वास, Success हासिल करने के लिए दो बहुत Important चाबियाँ हैं और उनमें अधिक तीव्रता आ सकती है यदि उसमें passion भी शामिल हो. जब आप जज्बे से कोई काम कर रहे होते हैं तो आप Busy रहते हैं और फिर आप को समय और विचार परेशान नहीं कर सकते।
आपको जो पसंद है वो करे :-
वह करें जो आप को खुशी दे और इसी में आप Success हो सकते हैं. उदाहरण के लिए आप ऐसा काम कर रहे हैं जो आपको पसंद तो नहीं है, लेकिन आप को अच्छी Salary मिल रहा है तो आप को चाहिए कि Salary भले थोड़ी हो मगर काम वह करें जिसमें आप को दिलचस्पी हो. इससे आप पर बोझ कम हो जाएगा जो आपके Life को एक लंबी खुशी देती है और इससे आपको ऊर्जा मिलेगी जिससे आप अपने काम को पूरी मेहनत और लगन से कर पाएंगे
अगर ज़िन्दगी से हार मान ली है तो, एक बार चायनीज अरबपति जैक मा की कहानी जरूर पढ़े
दोस्तों, जीवन में हर किसी को असफ़लता का सामना करना पड़ता हैं, लेकिन असफ़ल होने के बाद भी जो अपना प्रयास जारी रखता हैं वही असली सफल इन्सान बनता हैं कभी कभी कुछ लोग असफलता से निराश होके बैठ जाते है और कुछ कुछ जुनूनी, मेहनती लोग ऐसे भी होते हैं जो अपना रास्ता खुद बनाने लगते हैं और सारे पूर्वानुमान को गलत साबित करते हुए सारी मुश्किलों का अपने बुलन्द हौसलों से मुकाबला करते हुए विजेता बन जाते हैं।
दोस्तों , इन्हीं लोगों में से एक है दुनिया के प्रमुख बिजनेसमेन में शामिल अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक जैक मा भी है जो कि चीन के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। वे एशिया का दुसरे तथा दुनिया के 18 वें सबसे धनी व्यक्ति है। दोस्तों, जैक मा के पास ना तो बिज़नेस मैनेजमेंट की डिग्री है | फिर भी वह आज सफल इंसान है क्योकि उन्होंने कभी असफलता से हार नहीं मानी |
दोस्तों, जैक मा प्राथमिक स्कूल (कक्षा पांचवीं तक) में दो बार फेल हुए थे और मिडिल स्कूल (कक्षा आठवीं तक) में तीन बार |फैल हुए। कॉलेज की Entrance exam में 3 बार फ़ैल हुए। ग्रेजुएशन करने के लिए अमेरिका की Harward University ने भी 10 बार इन्हे admission के लिए मना कर दिया था। इसके बारे में एक इंटरव्यू में जैक ने कहा, “और मैंने सोचा था, शायद किसी दिन मुझे वहां जाकर पढ़ाना चाहिए…”
जब नौकरी के लिए जैक मा ने फूड चेन केएफसी (KFC) में अप्लाई किया तो वहाँ से भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था | जैक मा बताते हैं, “जब केएफसी हमारे देश चीन में हमारे शहर पहुंचा, 24 लोगों ने नौकरी के लिए अर्जी दी थी, जिनमें से 23 चुन लिए गए…” जिस एक व्यक्ति को ठुकराया गया था, वह मैं जैक मा ही था।" उसके बाद उन्होंने उन्होंने पुलिस में भर्ती होने के लिए आवेदन किया लेकिन वहाँ भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया | ऐसे ही लगभग 30 नौकरियों में उन्होंने apply किया था और सभी में reject कर दिए गए थे।
दोस्तों इतनी बार फेल होने तथा reject होने के बाद भी ये निराश नहीं हुए बल्कि सकारात्मक सोच के साथ एक ट्रांसलेशन कंपनी खोली। जिसके बाद वे अमेरिका गए और वहां उन्होंने Internet देखा और जाना कि घर बैठे लोग भी Internet के द्वारा एक दूसरे से जुड़ सकते हैं। इसी सोच के साथ इन्होने चीन लौटकर चीन की पहली ऑनलाइन डायरेक्टरी “China Pages” लांच की। इस कंपनी को शुरू करने के लिए Jack Ma ने अपनी बहन से पैसे उधार लिए थे, लेकिन यह कंपनी fail हो गई।
सन 1998 अलीबाबा Shopping Website की शुरुआत की।उनके सामने कई मुश्किलें आयीं। तीन सालों तक उन्हें कोई Profit नहीं हुआ। Shopping Website की सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि Online Payment का कोई तरीका उनके पास नहीं था ऐसे में जैक मा ने ने फैसला किया कि वो खुद अपना पेमेंट सिस्टम/गेटवे विकसित करेंगे, उन्होंने इसका नाम रखा “अली पे”। अली पे के दवारा International Customer के बीच मुद्रा का आदान प्रदान आसान हो गया। उस समय जब उन्होंने “अली पे” का आईडिया जब उन्होंने लोगो को बताया तो बहुत सारे लोगों ने कहा कि यह सबसे Stupid Idea है। जैक ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर लोग उस सुविधा का आसानी से उपयोग करतें हैं और उनका काम आसान हो जाता है।
दोस्तों आज, उनकी वेबसाइट Alibaba.com पर रोजाना 10 करोड़ Customers आते हैं। आज अलीबाबा ग्रुप में लगभग 34985 कर्मचारी काम करते हैं। तथा अलीबाबा की मार्किट वैल्यू 3,989.8 crores USD अरब डॉलर है तथा जैक मा की संपत्ति अरब डॉलर में है।
आज अलीबाबा E-Commerce कंपनी दुनिया में सबसे अधिक Online सामान बेचती है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि यह Amazon और E-bay से भी अधिक बड़ी कंपनी है। Alibaba.com के नाम से मशहूर यह कंपनी दुनिया भर के 190 कंपनियों से जुड़ी हुई है। अलीबाबा कंपनी के शुरुआती दिनों में सिर्फ 18 लोग काम करते थे और अभी करीब 22 हजार लोग काम करते हैं।
आशा करता हुं कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और आप इन्हें अपनी जिंदगी में उतारने की कोशिश जरुर करेगें
अगर ज़िन्दगी से हार मान ली है तो, एक बार स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल की कहानी जरूर पढ़े
भारतीय मूल के इस्पात कारोबारी लक्ष्मी मित्तल को दुनिया इस्पात जगत के सबसे सफल व बड़े कारोबारी के तौर पर जानती है मित्तल विदेश में रहते हुए भी भारतीय नागरिकता लिये हुए हैं यह उनका देश के प्रति प्यार और जन्म भूमि से बहुत लगाव ही हैं वे आज भी वे भारत आते-जाते रहते हैं। वह एक ऐसे गांव में पैदा हुए ,जहा बिजली तक नहीं थी , लेकिन अपनी मेहनत और दिमाग की बदोलत आज वह दुनिया की मशहूर हस्ती बन चुके है, आज मित्तल भारत के साथ-साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं। मित्तल जितने बड़े उद्योगपति हैं, उतने ही बड़े दिलवाले भी हैं. जरूरत पड़ने पर वो लोगों को करोड़ों रुपये तक दान कर देते हैं.
लक्ष्मी मित्तल के पिता छोटे पैमाने पर स्टील का उत्पादन करते थे ,परन्तु लक्ष्मी मित्तल के सपने बड़े थे, उनकी सोच अलग थी ,वह नयी स्टील मिल बनाने की वजह पुराणी बीमार स्टील मिलो को ठीक कर,
तेजी से तर्रकी करना चाहते थे|
उनका मानना था की नयी मिल बनाने में पैसा भी अधिक लगता है और समय भी . इसलिए वह बीमार स्टील मिलो को खरीदते थे और उन्हें अपनी योजना के अनुशार काम करने की लाव दायक स्थिति में पंहुचा देते थे| इसी सोच के साथ उन्होंने अपने व्यापार को आगे बढ़ाया | इसी तरह वह "Steel King" के नाम से जाने गए .उनकी कंपनी इस्पात को दुनिया की सोरबोसेसतो स्टील कंपनी कहा जाता है .
दोस्तों, वह आज सफल इसलिए है क्युकी उनकी सोच अलग थी | यदि दोस्तों आप भी सफल होना चाहते है तो, काम को अलग तरीके से करने के बारे में सोचे आप भी जानते मेहनत थो गधा भी करता है |लेकिन उसकी मेहनत किसी काम की नहीं रहती है उनकी कहानी हमें यह सिखाती है की यदि इंसान अपने उद्देश्य साफ़ रखे और उन्हें हासिल करने की योजना बनाकर काम करे,तो उसे सफलता जरूर मिलती है .
दोस्तों कमेंट के माध्यम से हमे बताये आपको ये पोस्ट कैसी लगे
5 ऐसी आदतें जिन्हें अपनी खुशी के लिए, तुरन्त छोड़ देनी चाहिए
दोस्तो आज हम हमारी ऐसी 5 आदतों के बारे मे जानेगें जिन्ह के चलते हम कभी खुश नही रह पाते। जिन्हे अपनी खुशी के लिए हमे तुरन्त छोड़ देने चाहिए।
तो आइए जानते है
1. लोग क्या कहेंगें?
किसी भी काम को करने से पहले कभी यह मत सोचऐ कि लोग क्या कहेंगें, क्योकि जब आप काम करेगें तब भी लोग कहेंगे और नही करेगे तब भी लोग कहेंगे। इसलिए कुछ भी करने से पहले यह मत सोचऐ की लोग क्या कहेंगे?
2. सभी को खुश करना छोड़ दे
आप चाहकर भी सबको खुश नहीं कर सकते क्योंकि खुश तो लोग भगवान से भी नहीं है तो आप सबको खुश करने वाली आदत छोड़ दे।
3. टालमटोल करना छोड़ दे
किसी भी काम को आज नही कल करूँगा, करना छोड़ दे क्योकि कल कभी नही आता। जो भी करे समय पर करें।
4. दिखावा करना छोड़ दे
आप जो नहीं है उस चीज का दिखावा करना छोड़ दे, भगवान ने हमे खुद खास बनाया है तो हम क्यों किसी की नकल करें। कुछ हुनर भगवान ने उनको दिया है तो कुछ आपको दिया है।
5. दूसरो से तुलना करना छोड़ दे
आज ही से खुद की किसी के साथ तुलना करना बंद कर दे। क्योकि इससे हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी हो जाती है और हम निराश हो जाते है।
क्या होती है पीएचडी की डिग्री, कैसे और कब कर सकते है अप्लाई
संक्षिप्त परिभाषा
यूके में, पीएचडी का मतलब 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी' होता है, जिसे कभी-कभी 'डॉक्टरेट' कहा जाता है। यह डिग्री का उच्चतम स्तर है जिसे एक छात्र प्राप्त कर सकता है। कुछ संस्थानों में, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित, एक डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी को एक डीपीआईएल के रूप में जाना जाता है। यह एक इंजीनियरिंग डॉक्टरेट (EngD) जैसे पेशेवर डॉक्टरेट से अलग है।
पीएचडी प्रवेश आवश्यकताएँ
एक स्नातक की डिग्री एक न्यूनतम आवश्यकता है और कई को मास्टर डिग्री (जैसे एमए, एमएससी या एमआरएस) की भी आवश्यकता होगी। कुछ वित्त पोषित पीएचडी 1 + 3 के आधार पर होगी, जो एक मास्टर के प्लस तीन साल के पीएचडी फंडिंग का एक वर्ष है
पीएचडी के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित पीएचडी छात्रों से आमतौर पर विभाग में शोध का प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है, जिसमें वे अपना अध्ययन करना चाहते हैं। कुछ विभाग छात्रों को उस क्षेत्र में काम करने वाले अकादमिक के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
यह प्रस्ताव इस बात की रूपरेखा तैयार करेगा कि वे अपने शोध को जाँचने के लिए क्या चाहते हैं, यह उनके क्षेत्र के अन्य अनुसंधानों से कैसे संबंधित है और वे अपने शोध को आगे बढ़ाने के लिए किन विधियों का उपयोग करना चाहते हैं। कुछ पीएचडी के, विशेष रूप से विज्ञान में, छात्रों को उन विज्ञापनों के रूप में विज्ञापित किया जाता है जहाँ शोध के उद्देश्य अधिक निर्धारित होते हैं।













