अगर ज़िन्दगी से हार मान ली है तो, एक बार चायनीज अरबपति जैक मा की कहानी जरूर पढ़े

दोस्तों, जीवन में हर किसी को असफ़लता का सामना करना पड़ता हैं, लेकिन असफ़ल होने के बाद भी जो अपना प्रयास जारी रखता हैं वही असली सफल इन्सान बनता हैं कभी कभी कुछ लोग असफलता से निराश होके बैठ जाते है और कुछ कुछ जुनूनी, मेहनती लोग ऐसे भी होते हैं जो अपना रास्ता खुद बनाने लगते हैं और सारे पूर्वानुमान को गलत साबित करते हुए सारी मुश्किलों का अपने बुलन्द हौसलों से मुकाबला करते हुए विजेता बन जाते हैं।

दोस्तों , इन्हीं लोगों में से एक है दुनिया के प्रमुख बिजनेसमेन में शामिल अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक जैक मा भी है जो कि चीन के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। वे एशिया का दुसरे तथा दुनिया के 18 वें सबसे धनी व्यक्ति है। दोस्तों, जैक मा के पास ना तो बिज़नेस मैनेजमेंट की डिग्री है | फिर भी वह आज सफल इंसान है क्योकि उन्होंने कभी असफलता से हार नहीं मानी | 

दोस्तों, जैक मा प्राथमिक स्कूल (कक्षा पांचवीं तक) में दो बार फेल हुए थे और मिडिल स्कूल (कक्षा आठवीं तक) में तीन बार |फैल हुए। कॉलेज की Entrance exam में 3 बार फ़ैल हुए। ग्रेजुएशन करने के लिए अमेरिका की Harward University ने भी 10 बार इन्हे admission के लिए मना कर दिया था। इसके बारे में एक इंटरव्यू में जैक ने कहा, “और मैंने सोचा था, शायद किसी दिन मुझे वहां जाकर पढ़ाना चाहिए…” 

जब नौकरी के लिए जैक मा ने फूड चेन केएफसी (KFC) में अप्लाई किया तो वहाँ से भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था | जैक मा बताते हैं, “जब केएफसी हमारे देश चीन में हमारे शहर पहुंचा, 24 लोगों ने नौकरी के लिए अर्जी दी थी, जिनमें से 23 चुन लिए गए…” जिस एक व्यक्ति को ठुकराया गया था, वह मैं जैक मा ही था।" उसके बाद उन्होंने उन्होंने पुलिस में भर्ती होने के लिए आवेदन किया लेकिन वहाँ भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया | ऐसे ही लगभग 30 नौकरियों में उन्होंने apply किया था और सभी में reject कर दिए गए थे।

दोस्तों इतनी बार फेल होने तथा reject होने के बाद भी ये निराश नहीं हुए बल्कि सकारात्मक सोच के साथ एक ट्रांसलेशन कंपनी खोली। जिसके बाद वे अमेरिका गए और वहां उन्होंने Internet देखा और जाना कि घर बैठे लोग भी Internet के द्वारा एक दूसरे से जुड़ सकते हैं। इसी सोच के साथ इन्होने चीन लौटकर चीन की पहली ऑनलाइन डायरेक्टरी “China Pages” लांच की। इस कंपनी को शुरू करने के लिए Jack Ma ने अपनी बहन से पैसे उधार लिए थे, लेकिन यह कंपनी fail हो गई।

सन 1998 अलीबाबा Shopping Website की शुरुआत की।उनके सामने कई मुश्किलें आयीं। तीन सालों तक उन्हें कोई Profit नहीं हुआ। Shopping Website की सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि Online Payment का कोई तरीका उनके पास नहीं था ऐसे में जैक मा ने ने फैसला किया कि वो खुद अपना पेमेंट सिस्टम/गेटवे विकसित करेंगे, उन्होंने इसका नाम रखा “अली पे”। अली पे के दवारा International Customer के बीच मुद्रा का आदान प्रदान आसान हो गया। उस समय जब उन्होंने “अली पे” का आईडिया जब उन्होंने लोगो को बताया तो बहुत सारे लोगों ने कहा कि यह सबसे Stupid Idea है। जैक ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर लोग उस सुविधा का आसानी से उपयोग करतें हैं और उनका काम आसान हो जाता है।

दोस्तों आज, उनकी वेबसाइट Alibaba.com पर रोजाना 10 करोड़ Customers आते हैं। आज अलीबाबा ग्रुप में लगभग 34985 कर्मचारी काम करते हैं। तथा अलीबाबा की मार्किट वैल्यू 3,989.8 crores USD अरब डॉलर है तथा जैक मा की संपत्ति अरब डॉलर में है।

आज अलीबाबा E-Commerce कंपनी दुनिया में सबसे अधिक Online सामान बेचती है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि यह Amazon और E-bay से भी अधिक बड़ी कंपनी है। Alibaba.com के नाम से मशहूर यह कंपनी दुनिया भर के 190 कंपनियों से जुड़ी हुई है। अलीबाबा कंपनी के शुरुआती दिनों में सिर्फ 18 लोग काम करते थे और अभी करीब 22 हजार लोग काम करते हैं।

आशा करता हुं कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और आप इन्हें अपनी जिंदगी में उतारने की कोशिश जरुर करेगें